Azamgarh :24 घंटे के अंदर हत्या का पुलिस ने किया अनावरण एक को भेजा जेल
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वादी रामदुलारे पुत्र स्व0 मुन्नर निवासी ग्राम खालिसा थाना मुहम्मदाबाद जनपद मऊ द्वारा अपने पुत्र गोरख कुमार के साथ थाना स्थानीय पर आकर लिखित तहरीर दिया गया कि कल दिनांक 31.03.2025 की शाम लगभग 07.00 बजे वादी का लडका राकेश पुत्र रामदुलारे उम्र लगभग 27 वर्ष अपने मित्र शैलेश पुत्र अम्बिका ग्राम फैजुल्लाह जहिरुल्लाह थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ के यहाँ अपनी गाडी नं0 UP 54 AS 2624 से गया था, जहाँ वादी के लडके की शैलेश एवं उसका भाई तथा उसकी माँ एवं दोनों बहनों द्वारा मिलकर रात में ही हत्या दिया गया। लिखित तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0स0 125/2025 धारा 103(1)/3(5) BNS बनाम 1.शैलेश पुत्र अम्बिका 2. शैलेश का भाई नाम अज्ञात 3. शैलेश की माँ नाम अज्ञात 4. शैलेश की बहन नाम अज्ञात 5. शैलेश की बहन नाम अज्ञात निवासीगण फैजुल्लाह जहिरुल्लाह थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ के विरुद्ध पंजीकृत किया गया।
आज बुधवार को थानाध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह मय हमराह मय द्वारा मुखबिर की सूचना पर मुकदमा उपरोक्त से संबंधित अभियुक्त शैलेश पुत्र अम्बिका निवासी फैजुल्लाह जहिरुल्लाह थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ को फैजुल्लाह जहिरुल्लाह चट्टी थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ से समय करीब 05.30 बजे गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्त की निशानदेही पर अभियुक्त के घर के पीछे स्थित प्याज के खेत में झाड-झंखाड के नीचे से कुदाल व मृतक का मोबाइल बरामद किया गया। अन्य अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
गिरफ्तार अभियुक्त शैलेष द्वारा पूछताछ में बताया गया कि, वह टाईल्स मार्बल लगाने का कार्य करता है। राकेश पुत्र रामदुलारे ग्राम खालिसा थाना मुहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ हमारा दोस्त है, वह भी हमारे साथ टाईल्स पत्थर का कार्य करता था। एक वर्ष पूर्व मैं एक लड़की से मोबाइल पर बात करता था तथा जब कभी भी मैं उससे मिलने अजमतगढ़ बाजार जाता था तो अपने दोस्त राकेश को भी लेकर जाता था। बाद में राकेश चोरी से मेरे मोबाइल से उसका नंबर निकालकर स्वयं उससे बात करने लगा तथा दोनों मिलने भी लगे। मेरे और राकेश के बीच जो भी बातचीत होती थी राकेश द्वारा पूरी बात उस लड़की से बता दिया जाता था। मैं तभी से राकेश को अपने रास्ते से हटाने के बारे मे सोचता रहता था। दो माह पहले मैं गुजरात चला गया था । वहाँ से मैं इसी महीने लगभग 15 दिन पहले वापस घर आया हूं तभी से राकेश को ठिकाने लगाने के बारे मे सोच रहा था । दिनांक 31.03.2025 की शाम को राकेश को मैं अपने घर बुलाया, जब वह हमारे गांव के बाहर स्थित घर पर आ गया तो मैने उसको कहा की आज तुम हमारे इसी मकान पर रूक जाओ क्योकि यहाँ पर कोई और नहीं रहता है । रात में हम दोनो अपने घर के अन्दर एक ही तख्ते पर लेट गये। जब राकेश गहरी नींद मे सो गया तब मैं रात में लगभग 01.00 बजे उठा तथा घर में रखे कुदाल को लेकर उसके सिर पर दो बार जोर से प्रहार कर दिया, जिससे राकेश का सिर फट गया और राकेश की मृत्यु मौके पर ही हो गयी लाश को उसी कमरे में छोडकर मैं बाहर अपने पेड़ के चबूतरे पर आकर बैठ गया और बाद मे घर में ताला बन्द करके इधर उधर घूमने लगा और लाश को बाहर ले जाकर फेक देने के बारे मे सोचता रहा परन्तु हमारी हिम्मत नहीं हुयी मैं काफी डर गया था रात भर मैं बाहर बैठा रहा और सुबह आठ बजे घटना में प्रयुक्त कुदाल को घर के पीछे प्याज के खेत में स्थित झाड-झंखाड में छिपा घर से भाग गया ।