पाकिस्तान ट्रेन हाईजैक : बंधकों के करीब विस्फोटक जैकेट पहने तैनात चरमपंथी, सुरक्षा बलों के सामने बड़ी चुनौती, अब तक 190 को बचाया गया

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इस्लामाबाद, 12 मार्च, (आईएएनएस)। बलूचिस्तान के बोलन जिले के पास जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को बीएलए चरमपंथियों द्वारा हाईजैक करने के बाद सुरक्षा बलों का अभियान दूसरे दिन भी जारी है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 190 यात्रियों को बचाया जा चुका है और 30 आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

मंगलवार को क्वेटा से लगभग 157 किलोमीटर दूर मश्कफ सुरंग के पास चरपमंथियों ने जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों सहित 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया। इस हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बचाए गए 190 यात्रियों में से 37 घायल हैं। इन यात्रियों में से 57 को प्रांतीय राजधानी में स्थानांतरित कर दिया गया। यात्रियों के परिवारों के लिए सहायता डेस्क और आपातकालीन सेल की स्थापना की गई है। बचाए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं।

चरमपंथियों ने कुछ बंधकों के बहुत करीब आत्मघाती हमलावरों को तैनात किया है जो कि विस्फोटक जैकेट पहने हुए हैं।

आत्मघाती हमलावरों ने ‘तीन अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं और बच्चों को बंधक बना लिया है।’ महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के कारण ऑपरेशन ‘अत्यंत सावधानी’ के साथ चलाया जा रहा है।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कानून व्यवस्था पर एक बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें जाफर एक्सप्रेस हमले के बारे में अतिरिक्त गृह मुख्य सचिव द्वारा जानकारी दी गई।

सीएम बुगती ने कहा, “हमला असहनीय है और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने कहा, “देश विरोधी तत्वों का पाकिस्तान को केक की तरह काटने का सपना कभी साकार नहीं हो सकता। हमें खुद को किसी भी भ्रम से मुक्त करना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।”

बीएलए बलूचिस्तान की आजादी चाहता है। यह कई जातीय विद्रोही समूहों में से सबसे बड़ा है, जिसने दशकों से पाकिस्तान सरकार से लड़ाई लड़ी है। संगठन का कहना है कि सरकार बलूचिस्तान के समृद्ध गैस और खनिज संसाधनों का अनुचित तरीके से दोहन कर रही है।

बीएलए को पाकिस्तान, ईरान, चीन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ ने आतंकी संगठन घोषित किया है।

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। इसे भू-आर्थिक और भू-रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है फिर भी यह अशांत रहता है। बलूचिस्तान को प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर माना जाता है। इसके बावजूद विकास की दौड़ में सबसे पीछे रह गया है।

–आईएएनएस

एमके/

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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